मोहम्मद नशीद: मालदीव का वो करिश्माई नेता जिसने समुद्र के नीचे की कैबिनेट बैठक, फिर दुनियाभर में हुई तारीफ

 

मोहम्मद नशीद: मालदीव का वो करिश्माई नेता जिसने समुद्र के नीचे की कैबिनेट बैठक, फिर दुनियाभर में हुई तारीफ
समुद्र के नीचे बैठक करते मोहम्मद नशीद (File Photo)

 

मालदीव (Maldives) के पूर्व राष्ट्रपति और संसद के वर्तमान स्पीकर मोहम्मद नशीद (Mohamed Nasheed) गुरुवार को एक बम धमाके में घायल हो गए. इसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी कई सर्जरी की गई. बताया गया कि नशीद गुरुवार रात अपने राजधानी माले (Male) स्थित अपने घर से गाड़ी बाहर निकाल रहे थे, तभी पास में एक खड़ी एक मोटरसाइकिल में जबरदस्त धमाका हो गया. धमाका इतना जोरदार था कि इस गूंज आस-पास के इलाके में भी सुनाई दी.

 

मोहम्मद नशीद की स्थिति फिलाहल गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि उनके सिर, सीने, सीने के निचले हिस्से और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं. नशीद को इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया है. इस बम धमाके में नशीद के तीन बॉडीगार्ड और दो राहगीर भी घायल हो गए. बता दें कि मोहम्मद नशीद 2008 में पहली बार मालदीव के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति बने थे. उनकी राजनीति का केंद्र जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द भी रहा है. जलवायु परिवर्तन को लेकर 2009 में नशीद ने कुछ ऐसा किया था, जिसकी यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं.

 

बढ़ते जलस्तर पर ध्यान खींचने के लिए की समुद्र के नीचे बैठक

दरअसल, 17 अक्टूबर 2009 को मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने मंत्रियों संग दुनिया की पहली पानी के नीचे कैबिनेट मीटिंग की. इसका मकसद दुनिया के जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र के बढ़ते जलस्तर को दिखाना था. बता दें कि समुद्र के बढ़ते जलस्तर की वजह से मालदीव के द्वीपों के डूबने का खतरा मंडरा रहा है. दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन को लेकर बैठक होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही वह दुनिया का ध्यान इस ओर खींचना चाहते थे.

 

 

सभी नेताओं ने काले रंग डाइविंग सूट और मास्क पहना हुआ था. इस मीटिंग में 11 मंत्री, तत्कालीन उपराष्ट्रपति और कैबिनेट सेक्रेटरी शामिल हुए थे. इन सभी लोगों ने 3.8 मीटर नीचे समुद्र में डुबकी लगाई, जहां पर बैठने के लिए टेबल की व्यवस्था की गई थी. साफ पानी होने की वजह से इन सभी लोगों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था. ये मीटिंग करीब 30 मिनट तक चली थी. इस दौरान राष्ट्रपति समेत सभी मंत्रियों के चारों ओर मछलियों को तैरते हुए भी देखा गया था.

 

आतंकवाद का आरोप भी झेलना पड़ा

गौरतलब है कि 2008 में मोहम्मद नशीद के राष्ट्रपति बनते ही मामून अब्दुल गयूम का 30 साल पुराना शासन खत्म हुआ था. लेकिन फिर 2012 में ही नशीद को तख्तापलट का सामना करना पड़ा. इसके चलते उन्हें राष्ट्रपति पद गंवाना पड़ा. अगले साल मालदीव में दोबारा चुनाव हुए, लेकिन नशीद को गयूम के सौतेले भाई अब्दुल्लाह यामीन के हाथों हार झेलनी पड़ी. फिर 2015 में उनपर आतंकवाद का आरोप लगाया और 13 साल जेल की सजा सुनाई गई.

 

देश की दूसरे सबसे ताकतवर पद को संभालते हैं नशीद

जेल में सजा काटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें लंदन में इलाज कराने की इजाजत मिली. इस तरह ब्रिटेन पहुंचने पर उन्होंने शरण के लिए आवदेन किया और 2016 में उन्हें शरण दे दी गई. वहीं, जब 2018 में सोलिह के राष्ट्रपति बनने पर नशीद देश वापस लौटे. इसके बाद 2019 में उन्होंने संसदीय चुनाव में जीत हासिल की और स्पीकर बन गए. जो देश की दूसरी सबसे ताकतवर पोजीशन मानी जाती है.

 

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