MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार दूसरे से दिलवा रहा था अपनी परीक्षा

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नई दिल्ली। सरिता विहार थाना पुलिस (Sarita Vihar Police Station) ने विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेकर लौटे ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है जो अपनी जगह दूसरे युवक से परीक्षा दिला रहा था। मूलरूप से पाली, राजस्थान (Rajasthan) निवासी आरोपी डॉक्टर मनोहर सिंह (35) की एमबीबीएस की डिग्री, एप्लीकेशन फार्म और एडमिट कार्ड जब्त कर लिया गया है। आरोपी ने ताजिक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, ताजिकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री ली है।

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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार डाक्टर विनायप्ता आरोपी डाक्टर मनोहर सिंह को 11 मार्च को सरिता विहार थाने लेकर पहुंची थी। डॉक्टर विनायप्ता ने अपनी शिकायत में कहा था कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर भारत (National Board of Examination Ministry of Health and Family Welfare India) की एक ऑटोनोमस बॉडी है। नेशनल बोर्ड फॉरेन मेडिकल एग्जामिनेशन की परीक्षा आयोजित करता है।

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ये विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों के लिए होती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही इंडियन मेडिकल काउंसिल (Indian Medical Council) में रजिस्ट्रेशन होता है और नंबर मिलता है। पिछली बार एफएमजीई स्क्रीनिंग टेस्ट (Fmgy screening test) चार अक्तूबर 2020 को हुआ था। मनोहर सिंह को एडमिट कार्ड जारी हुआ था, जिनका टेस्ट सेंटर एसएन डिजिटल जोन, मथुरा रोड नई दिल्ली (SN Digital Zone, Mathura Road New Delhi) था। उनका परीक्षा परिणाम रोक दिया गया था, क्योंकि एप्लीकेशन फॉर्म में लगी तस्वीर परीक्षा वाले दिन ली गई फोटो से मैच नहीं हुई थी।

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मामले की जांच करने पर पता लगा कि मनोहर सिंह की जगह कोई और परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद नोटिस जारी कर मनोहर को तीन फरवरी को फेस आईडी वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था। आरोपी वहां नहीं पहुंचा था। दस मार्च को एनबीई में आरोपी का वेरिफिकेशन किया गया। यहां आरोपी का चेहरा परीक्षा देने वाले चेहरे से नहीं मिला। आरोपी सवालों के जवाब भी ठीक से नहीं दे रहा था।

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पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले छह वर्ष से एफएमजीई टेस्ट पास करने की कोशिश कर रहा था ताकि उसका रजिस्ट्रेशन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में हो सके। जब वह इसमें कामयाब नहीं हो सका तो उसने अपनी जगह परीक्षा देने के लिए दूसरे युवक को बैठाया था।

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