UP News: 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स फिर से दे सकते है लिखित परीक्षा, 27 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन

UP News: Students of class 10th and 12th can re-appear for written examination, can apply till August 27

कोरोना महामारी के बीच यूपी बोर्ड (UP Board) के स्टूडेंट्स के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अब स्टूडेंट्स अपनी मर्जी से लिखित परीक्षा दे सकेंगे. जो भी स्टूडेंट्स लिखित परीक्षा (UP Board Written Exam) देना चाहते हैं, वह 27 अगस्त 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. 10वीं और 12वीं के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए बोर्ड ने इस तरह की व्यवस्था की है. यूपी बोर्ड के इस फैसले से 56 लाख स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिली है. बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए लिखित परीक्षा की भी व्यवस्था की गई है.

खास बात ये है कि कितने विषयों की लिखित परीक्षा देनी है, यह ऑप्शन भी स्टूडेंट्स के लिए पूरी तरह से खुला है. एक या सभी विषयों की लिखित परीक्षा दी जा सकेगी. यह निर्णय स्टूडेंट्स (Board Students) पर निर्भर करता है. इस परीक्षा का रिजल्ट साल 2020-21 के सेशन में ही जारी किया जाएगा.

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बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से इस साल बोर्ड ने 11वीं और छमाई के नंबरों के आधार पर ही छात्रों का 10वीं और 2वीं का रिजल्ट (10th -12th Result) तैयार किया था. जो भी छात्र अपने रिजल्ट से असंतुष्ट हैं, वह अब लिखित परीक्षा दे सकेंगे.

यूपी बोर्ड 18 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच लिखित परीक्षाएं करवाने जा रहा है. 10वीं के एग्जाम का कार्यक्रम 12 दिन और 12वीं के एग्जाम का कार्यक्रम 15 दिनों में जारी किया जाएगा. यह आदेश अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने जारी किया है. इस साल कोरोना के खौफ की वजह से बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकी हैं. बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स हैं जो अइपने रिजल्ट से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है. वह बच्चे अब लिखित परीक्षा देकर अपनी स्किल का सहीं आंकलन कर सकेंगे.

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इस साल होने वाली बोर्ड की लिखित परीक्षा हर साल की तरह 3 घंटे की बजाय सिर्फ 2 घंटों में आयोजित कराई जाएगी. वहीं खास बात ये भी है कि स्टूडेंट्स को बोर्ड एग्जाम के लिए कोई भी शुल्क जमा नहीं कराना होगा. बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर गही इस साल बोर्ड परीक्षा में बच्चों को नंबर दिए गए थे.

किसी भी बच्चे को बोर्ड एग्जाम में फेल नहीं किया गया था. यूपी बोर्ड के 100 सालों के इतिहास में ये पहला मौका था जब कोरई भी स्टूडेंट फेल नहीं हुआ था. लेकिन बहुत से ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे थे जो बेहतर रिजल्ट की उम्मीद कर रहे थे और अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है. वह बच्चे अब अपनी इच्छा से लिखित एग्जाम देकर संतुष्टी कर सकेंगे.

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