मध्य प्रदेश में औद्योगिक की जानकारी

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 मध्य प्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य

मध्य प्रदेश की प्रथम औद्योगिक नीति 1972 में घोषित की गई। मध्य प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरा पूरा राज्य है लेकिन औद्योगिक दृष्टि से या भी पिछड़ा राज्य कहा जाता है। औद्योगिक दृष्टि से किया जा रहे सतत प्रयासों से प्रदेश वर्तमान में देश में सातवें स्थान पर आ गया है। प्रदेश में औद्योगिक विकास की दृष्टि से सर्वप्रथम बड़े उपक्रमों की स्थापना हुई। मध्य प्रदेश के अधिकांश उद्योग खनिज वन सीमेंट और कृषि उत्पादों पर आधारित है। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जापान के सहयोग से ऑप्टिकल फाइबर का उत्पादन मंडीदीप (भोपाल) में दूरसंचार के उद्देश्य से प्रारंभ किया। केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के नादर्नटोली (सतना), निमरानी (खरगोन), जग्गाखेड़ी (मंदसौर), लंबतरा (कटनी) व नौगांव बीना (सागर) को एकीकृत अधोसंचालन विकास केंद्र योजना अंतर्गत स्वीकृत किये गये है। 

राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में द्वितीयक क्षेत्र का स्थिर भावों के आधार वर्ष (2011 – 12) में योगदान 27.09% की तुलना में घटकर वर्ष 2016 – 17 में 24.15% तथा वर्ष 2017 – 18 (त्वरित) अनुमानों के अनुसार 24.14% आका गया है। विनिर्माण क्षेत्र में गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2017 – 18 (त्वरित) के दौरान 6.0% की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2018 – 19 में माह दिसंबर 2018 तक 1,80,414 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना हुई, जो वर्ष 2016 – 17 में स्थापित 87,071 उद्योगों की तुलना में वर्ष 2017 – 18 में 2,06,142 उद्योग स्थापित हुए, जो 136.75% की वृद्धि को दर्शाते हैं। वर्ष 2018 – 19 में माह दिसंबर 2018 तक 13,224 करोड रुपए का पूंजी निवेश सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग में किया गया।
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मध्य प्रदेश का पीथमपुर औद्योगिक केंद्र भारत का डेट्राइट कहा जाता है। मध्य प्रदेश के पीथमपुर में प्रदेश का पहला निर्यात संवद्धन पार्क स्थापित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में चार औद्योगिक कॉन्प्लेक्स है –
  1. इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्प्लेक्स, इंदौर
  2. एग्रो कॉन्प्लेक्स, छिंदवाड़ा
  3. स्टेनलेस स्टील कॉन्प्लेक्स, सागर
  4. लेदर कॉन्प्लेक्स, देवास

मध्य प्रदेश के गुना जिले में गैस पर आधारित उर्वरक कारखाना स्थापित किया गया है। मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला पावरलूम उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश के इंदौर के औद्योगिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। मध्यप्रदेश में तेल शोधक कारखाना सागर जिले की बीना तहसील में आगासोद में स्थापित किया गया है। देश का प्रथम ऑप्टिकल फाइबर का कारखाना मंडीदीप रायसेन में जापान के सहयोग से स्थापित किए हैं। प्रदेश का एकमात्र घड़ी कारखाना बैतूल में है।

 मध्य प्रदेश का एकमात्र छाता उद्योग मऊ में है। हीरा तराशने का कारखाना जबलपुर में स्थित है। मध्य प्रदेश का प्रथम रत्न परिष्कृत केंद्र जबलपुर में है। कील व तार बनाने का कारखाना विदिशा में है। जिलेटिन बनाने का कारखाना जबलपुर में है। एलुमिनियम बनाने का कारखाना देवास में है। मध्यप्रदेश में तकनीकी परिसर गुना जिले के राघोगढ़ में स्थापित किया गया। एशिया का सबसे बड़ा सोयाबीन संयंत्र उज्जैन में है। विजय नगर (गुना) स्थिति नेशनल फर्टिलाइजर कारखानों का निर्माण इटली तथा अमेरिका के सहयोग से हुआ है। मध्यप्रदेश में औद्योगिकरण की प्रक्रिया को तीव्र गति प्रदान करने हेतु ‘एकल खिड़की प्रणाली योजना’ प्रारंभ की गई है। जरी – कढ़ाई उद्योग भोपाल में केंद्रित है। प्रदेश का पहला विशेष आर्थिक जॉन इंदौर में स्थापित किया गया है।

खजुराहो इन्वेस्टर्स मीट में 18 एम. ओ. यू. पर 39,000 करोड रुपए के करार हुए। इंदौर इन्वेस्टर्स मीट में 102 एम. ओ. यू. पर 1,20,541 करोड़ रुपए के करार हुए। जबलपुर इन्वेस्टर्स मीट में 61 एम. ओ. यू. पर 56,829 करोड रुपए के करार किए गए। पीथमपुर में 1113.722 हेक्टेयर भूमि पर बहूउत्पाद विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र विकसित हो रहा है। औद्योगिक अधोसंरचना के अंतर्गत धार जिले में विश्वस्तरीय टेस्टिंग ट्रे की परियोजना 4000 एकड़ भूमि पर भारत सरकार के द्वारा गठित समिति नेशनल आटोमोटिव्हस टेस्टिंग एवं आर. एंड. डी. इन्फास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट द्वारा विकसित की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य गुणवत्ता मापदंडों पर मान्यता प्राप्त सुविधा तथा सुरक्षा उपायों का विकास, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं मान सुरक्षा केंद्र दृष्टि आटोमोटिव्हस टेस्टिंग है। इंदौर में 18199 वर्ग मीटर में 4 मंजिला विश्वस्तरीय आधुनिक अधोसंरचना के जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना की जा रही है। इसमें लगभग 5 लाख वर्ग फीट विकसित स्थल इकाइयों को उपलब्ध होगा। 

औद्योगिक विकास केंद्र
मध्यप्रदेश शासन द्वारा 26 औद्योगिक विकास केंद्र स्थापित किये गये है – 
   1.पीथमपुर (धार)              2. मेघनगर (झाबुआ)
   3. मनेरी (मंडला)              4. पुरैना (पन्ना)
   5. पीलूखेड़ी (राजगढ़)        6. मालनपुर (भिंड)
   7. प्रतापपुर (टीकमगढ़)      8. बैढ़न (सिंगरौली)
   9. बोरेगांव (छिंदवाड़ा)      10. किरनपुर (बालाघाट)
 11. अमानपुर (दमोह)         12. चैनपुरा (गुना) 
 13. करोढरा (शिवपुरी)       14. बडेरा (दतिया)
 15. चंद्रपुर (छतरपुर)         16. बंडोल सिवनी
 17. बगसपुर (नरसिंहपुर)    18. मंडीदीप (रायसेन)
 19. बानमौर (मुरैना)          20. सिद्धगवां (सागर)
 21. रीवा (रीवा)                22. मक्सी (शाजापुर)
 23. जावरा (रतलाम)         24. विदिशा (विदिशा)
 25. हरदा (हरदा)              26. देवास (देवास)

इनमें से निम्न 6 केंद्र भारत शासन की बुनियादी अधोसंरचना विकास योजना में शामिल है। यह निम्न है-
पीथमपुर (धार), मेघनगर (झाबुआ), मुरैना (पन्ना), मनेरी (मंडला), पीलूखेड़ी (राजगढ़) व  मालनपुर (भिंड)।
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प्रमुख कंपलेक्स 
चमड़ा कॉन्प्लेक्स, देवास
इलेक्ट्रॉनिक कॉन्प्लेक्स, इंदौर
एग्रो टेक्सटाइल कॉन्प्लेक्स, छिंदवाड़ा
रेडीमेड कॉन्प्लेक्स, इंदौर
फार्मा पार्क, बेटमा (धार)
गोल्ड एक्सपोर्ट प्रमोशन पार्क, इंदौर
जेंस एवं ज्वेलरी पार्क, इंदौर
प्लास्टिक पार्क, तामोट (रायसेन)

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