मध्यप्रदेश शिक्षा के आयाम की जानकारी

 

शिक्षा के आयाम

मध्यप्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। व्यक्ति के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। औद्योगिक और एजुकेशन हब कहलाने वाले इंदौर शहर में अब 9 विश्वविद्यालय हो गए हैं। रेनेसां कॉलेज को 21 जनवरी, 2018 को निजी विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया। शासन के अधीन वाले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अलावा शेष 8 निजी विश्वविद्यालय है। इंदौर प्रदेश में सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय वाला शहर बन गया। मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2018 – 19  के अनुसार वर्ष 2017 – 18  की स्थिति अनुसार प्रदेश में लगभग 80,807 शासकीय प्राथमिक तथा 30,228 शासकीय माध्यमिक शालाए है। वर्ष 2017 – 18 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हाई स्कूल 8,373 एवं हायर सेकेंडरी स्कूल 8,998 कुल स्कूलों की संख्या 17,371 है। वर्ष 2018 – 19 प्रदेश में कुल 609 तकनीकी शिक्षण संस्थान संचालित है जिनमें प्रवेश क्षमता की संख्या 1,21,736 है। मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन अधिनियम 2007 के प्रावधान अनुसार वर्ष 2016 – 17  में चार निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं – 

  • जी.एच रईसोनी निजी विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा

  • सिंबायोसिस निजी विश्वविद्यालय, इंदौर

  • डी.सी. निजी विश्वविद्यालय, इंदौर

  • अवंतिका निजी विश्वविद्यालय, उज्जैन

पंडित एस. एन. शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल प्रथक अधिनियम से शासकीय विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया है। मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2007 में संशोधन किया गया है।

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक़ साक्षरता जबलपुर(81.1%) जिले की है। प्रदेश के अलीराजपुर जिले की साक्षरता सबसे कम (36.1%) है। मध्य प्रदेश का इंदौर जिला पुरुष साक्षरता में प्रथम स्थान पर है, जबकि सबसे कम पुरुष साक्षरता अलीराजपुर जिले की है। महिला साक्षरता में प्रथम भोपाल जिला(74.9%) है, जबकि सबसे कम महिला साक्षरता वाला जिला अलीराजपुर(30.3%) में है। एशिया का प्रथम फिजिकल कॉलेज लक्ष्मीबाई फिजिकल कॉलेज ग्वालियर में है। मध्यप्रदेश का एक मात्र शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में है। एकमात्र शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय इंदौर में है। मध्य प्रदेश का एकमात्र यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय बुरहानपुर में है। मध्य प्रदेश का एकमात्र कैंसर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र इंदौर में है। मध्य प्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान भोपाल में है। फॉरेंसिक पुलिस महाविद्यालय सागर में है। मध्य प्रदेश का प्रथम उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर में है। सागर विश्वविद्यालय के अंतर्गत सर्वाधिक महाविद्यालय आते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 13 मेडिकल कॉलेज स्थापित है। मध्य प्रदेश का समाज कार्य महाविद्यालय इंदौर में है।

डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान संस्था मऊ (इंदौर) में स्थापित है, जिससे 14 अप्रैल, 2015 को विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश का पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता के नाम से भोपाल में स्थापित है। मध्यप्रदेश के जबलपुर, महू एवं रीवा में पशु चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित है। सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज गजराराजे चिकित्सा विश्वविद्यालय ग्वालियर (1946) है। मध्य प्रदेश के राजा भोज मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल में है। प्रदेश में शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, बुरहानपुर में है। मध्य प्रदेश का कृषि अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय जबलपुर में स्थापित है। मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की स्थापना सन् 1968 में हुई। मध्य प्रदेश में निजी क्षेत्र में पत्रकारिता विश्वविद्यालय इंदौर में स्थापित किया गया है। प्रदेश का पहला आवासीय विद्यालय सीहोर में है। प्रदेश के रीवा में सैनिक स्कूल स्थापित है।

 देश का प्रथम अध्ययन केंद्र 5 सितंबर, 1987 को भोपाल में स्थापित किया गया। प्रदेश का सबसे पुराना शासकीय महाविद्यालय जबलपुर का है। जवरलाल पुलिस अकैडमी सागर में है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में है। माध्यमिक शिक्षा मंडल का कार्यालय भोपाल में है। इसका संभागीय कार्यालय इंदौर में है। प्रदेश का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर का ऐसा प्रथम विश्वविद्यालय है,जिसने इस्टर्न मिशीगन विश्वविद्यालय अमेरिका के साथ अध्ययन/अध्यापन व अनुसंधान संबंधित पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रदेश के राजा भोज विश्वविद्यालय भोपाल यूनेस्को ने मेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा प्रदान किया है। मध्य प्रदेश शासन ने नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2007 – 08 में गंजबासौदा (विदिशा) में है। वर्तमान में प्रदेश की कृषि महाविद्यालय की संख्या 10 हो गई है। प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को वर्ष 2008 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। मध्यप्रदेश में अमरकंटक में आदिवासियों पर शोध के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय आदिवासी विद्यालय खोला गया है। मध्य प्रदेश में भेल द्वारा संचालित जवाहरलाल नेहरू स्कूल को देश में पहली बार  ISO9001 तथा 14001 प्रमाण पत्र मिलने का गौरव हासिल हुआ है। प्रदेश सरकार ने ग्वालियर में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा 2008 में की। मध्यप्रदेश में महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय 2008 में उज्जैन में स्थापित किया गया।

मध्यप्रदेश में विश्वविद्यालय, स्थिति व स्थापना वर्ष 

डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (1946)

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर (1957)

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन (1957)

जीवाजी राव विश्वविद्यालय, ग्वालियर (1964)

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर (1964)

जवाहरलाल नेहरू कृषि विद्यालय, जबलपुर (1964)

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा (1968)

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल (1970)

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल (1991)

महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट (सतना) (1991)

मध्य प्रदेश मुफ्त भोज विश्वविद्यालय, भोपाल (1991)

राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय, भोपाल (1997)

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल (2000)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय, अमरकंटक (अनूपपुर) (2008)

राजा मानसिंह तोमर कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर (2008)

महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन (2008)

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर (2008)

महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, कटनी (2009)

अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल (2011)

सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय, साची (2012)

अंतरराष्ट्रीय स्तर का निजी विश्वविद्यालय, सिंगरौली (विदिशा)

धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय, भोपाल

महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर

मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर (2013)

डॉ बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक विश्वविद्यालय, महू (2015)

जे.पी. इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय, राघौगढ़ (गुना)

आईसेक्ट विश्वविद्यालय, मेहुआ (रायसेन)

मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, भोपाल

छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा (2019)

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