Weather Update: रात में बढ़ी ठण्ड, एक डिग्री नीचे आया पारा, अलाव की व्यवस्था नहीं

Weather Update

Weather Update: नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह में ठण्ड का असर बढने लगा है। पिछले चौबीस घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीती रात इस सीजन की सबसे ठण्डी रात रही। इस दौरान पारा आठ डिग्री के नीचे आ गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान पिछले चौबीस घंटे में यथावत रहा।

बताया गया है कि बुधवार और गुरूवार की मध्य रात्रि का न्यून्तम तापमान 8.8 डिग्री पर दर्ज हुआ था। लेकिन गुरूवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि को यह न्यून्तम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जो इस सीजन में सबसे कम है। इधर शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 28:3 डिग्री पर रहा। गुरूवार को यह पारा 28.2 डिग्री पर था। मौसम विज्ञान से जुड़े सूत्रों की मानें तो माह के अंतिम सप्ताह में तापमान में गिरावट आएगी।

Read More: Rewa News: इंजीनियरिंग कॉलेज में स्वीकृत 54 में से 35 54 में से 35 पद खाली, 27 अतिथि विद्वान दे रहे हैं सेवाएं

दिसम्बर का महीना कड़ाके की ठण्ड से भरा होगा। शुक्रवार को आसमान में हल्के बादलों के होने से शाम के बाद ठण्ड का असर कुछ कम हो गया। लेकिन बादलों के हटते ही ठण्ड बढने की संभावना मानी जा रही है। दिन में धूप 8 घंटे 19 मिनट तक निकली। हवायें 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली।

मौसम में सुबह की आद्रता 69 और शाम की आद्रता 27 प्रतिशत दर्ज की गई। इधर जानकारों का कहना है कि इस समय दिन का तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री ज्यादा है। सामान्य स्थिति में इस समय दिन का अधिकतम पारा 25 से 26 डिग्री के आसपास होना चाहिये। जबकि रात का न्यून्तम तापमान सामान्य पर ही चल रहा है।

Read More: Rewa News: छात्रवृत्ति का फार्म भरने से चूके 57 विद्यार्थी, विवि को बताया जिम्मेदार, कलेक्ट्रेट में जाकर की शिकायत

अलाव की व्यवस्था नहीं

रात के न्यूनतम तापमान के आठ डिग्री के नीचे आ जाने के बावजूद नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की है। जबकि इस समय ठण्ड इतनी पड़ रही है कि रात में। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को अलाव की जरूरत पड़ने लगी. है। पिछले वर्षों में देखें तो सात से आठ डिग्री तापमान के आते ही. निगम द्वारा शहर के चयनित स्थानों पर अलाव की लिये लकडियां गिरा दी जाती थी। अलाव की व्यवस्था न होने पर लोग कचरा और लकड़ी बीनकर जला रहे हैं।

Read More: Rewa News: सड़क के बीच गड्ढे जो बनते हैं हादसे की वजह, डामर की जगह भर दी गिट्टी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *