Rewa Engineering College News: रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज में 4 साल से संचालित कम्प्यूटर साइंस कोर्स में एक भी नियमित प्राध्यापक नहीं

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Rewa Engineering College News: शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा में संचालित कम्प्यूटर साइंस कोर्स पूरी तरह से भगवान भरोसे संचालित हो रहा है। बताया गया है कि पिछले चार साल से महाविद्यालय मेंं यह कोर्स संचालित है। विडंबना तो यह है कि महाविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस कोर्स तो खुला हुआ हैं, लेकिन इस कोर्स में एक भी नियमित प्राध्यापक अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं।

इसका कारण यह है कि शासन द्वारा इस कोर्स के लिए प्राध्यापकों के एक भी पद स्वीकृत ही नहीं किए गए हैं। अब जब पद ही स्वीकृत नहीं है तो फिर प्राध्यापकों की नियुक्ति किस प्रकार से हो।

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महाविद्यालयीन सूत्रों की माने तो वर्ष 2018 से इंजीनियरिंग कॉलेज में कम्प्यूटर साइंस का कोर्स संचालित है। इस कोर्स में एडमीशन लेने वाले विद्यार्थियों की तादाद भी काफी ज्यादा रहती है। लेकिन प्राध्यापक विहीन इस कोर्स में आखिर पढ़ाई का स्तर क्या होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

क्यों नही स्वीकृत हुए प्राध्यापकों के पद
महाविद्यालयीन सूत्रों की माने तो अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद ने कोर्स खोलने की अनुमति प्रदान कर दी थी। एआईसीटीई से अनुमति मिलने के बाद कॉलेज में कोर्स प्रारंभ हो गया। लेकिन प्राध्यापकां के पद स्वीकृत करने का अधिकार राज्य शासन के पास है।

विडंबना तो यह है कि कोर्स को शुरू हुए चार वर्ष हो गए और शासन ने अभी तक प्राध्यापकां के पद ही स्वीकृत नहीं किए। प्राचार्य द्वारा पद स्वीकृत कर प्राध्याकों की नियुक्ति करने संबंधी आवेदन कई बार दिया गया। लेकिन आज तक अनुमति नहीं मिल पाई।

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किस तरह से चल रहा काम
संस्था प्रमुख प्रो. बीके अग्रवाल ने बताया कि प्राध्यापकों के पद भले ही स्वीकृत न हो लेकिन पढ़ाई पूरी हो रही है। कम्प्यूटर साइंस में एडमीशन लेने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए यहां सात अतिथि विद्वानों की नियुक्ति की गई है। इन्हीं अतिथि विद्वानों के भरोसे इस कोर्स का पूरा दारोमदार है। चार साल से बहुत ही अच्छी तरीके से यह कोर्स संचालित हो रहा है।

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