पंजाब के किसानों ने जबरदस्ती बंद कराया तो होगी कानूनी कार्यवाही, गुजरात के किसानों का बंद को समर्थन नहीं

कृषि कानून के खिलाफ पंजाब के किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद बुलाया है। पूरे मामले पर राजनीति भी खूब हो रही है। यही कारण है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में बंद का असर अधिक दिखाई देगा। वहीं गुजरात की विजय रूपाणी सरकार ने कहा है कि गुजरात के किसान भारत बंद को समर्थन नहीं दे रहे हैं और प्रदेश में यदि किसी ने जबरन बंद करवाया तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विजय रूपाणी ने बंद को राजनीतिक बताते हुए कहा कि गुजरात बंद नहीं होगा। उधर गुजरात कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में मंगलवार को चक्‍काजाम का ऐलान किया है वहीं वरिष्‍ठ नेता शंकरसिंह वाघेला व एनसीपी ने भी बंद को समर्थन दिया है।

मुख्‍यमंत्री रुपाणी ने सोमवार शाम को गांधीनगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि गुजरात बंद का समर्थन नहीं करता है, किसान आंदोलन अब राजनीतिक हो गया है। किसानों ने पहले आंदोलन को गैरराजनीतिक बताया था लेकिन अब बंद के पक्ष में आए राजनीतिक दलों से स्‍पष्‍ट हो गया कि इसका राजनीतिकरण हो गया। रुपाणी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य व खेतीबाडी बाजार उत्‍पादन समिति [एपीएमसी] को लेकर जो वादे किये थे केंद्र सरकार भी वही कानून लाई है। इससे पहले गुजरात भाजपा के अध्‍यक्ष सी आर पाटिल, संगठन महामंत्री भिखूभाई दलसाणिया आदि ने भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं से चर्चा की जिसके बाद किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के क्रषि बिलों के समर्थन में प्रदेश में एक अभियान चलाने का ऐलान किया। बैठक में मोर्चा के राष्‍ट्रीय महासचिव रजनी पटेल, प्रदेश अध्‍यक्ष बाबूभाई जेवलिया सहित कई नेता शामिल थे।

सरकार व संगठन ने भारत बंद को राजनीतिक बताते हुए कहा कि गुजरात का किसान किसी भी तरह के बंद के समर्थन में नहीं है, राज्‍य में किसान सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। राज्‍य में बंद के नाम पर शांति एवं कानून व्‍यवस्‍था बिगाडने वालों पर सख्‍त कार्यवाही होगी। अहमदाबाद की जमालपुर फल एवं सब्‍जी मंडी, जेतलपुर मंडी, ऊंझा में एशिया की सबसे बडी जीरा मंडी ने भी बंद से अलग रहने का ऐलान किया है। हालांकि राजकोट, गोंडल व अन्‍य कई शहरों की मंडियां मंगलवार को बंद के समर्थन में नहीं खुलेंगी। कांग्रेस किसानोंके भारतबंद के समर्थन में मंगलवार को राज्‍यव्‍यापी चक्‍काजाम करेगी वहीं पूर्वमुख्‍यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की प्रजाशक्ति पार्टी व गुजरात एनसीपी ने भी बंद का समर्थन किया है।

सिंधु बॉर्डर पर अब भी जमे किसान

दिल्ली हरियाणा को जोड़ने वाली सिंधु बॉर्डर पर हजारों की तादाद में किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस के बाद आम आदमी पार्टी और तेलंगाना की टीआरएस समेत तमाम विपक्षी दलों ने भी इस भारत बंद का समर्थन किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के अनुसार, ‘कांग्रेस ने 8 दिसंबर को भारत बंद का समर्थन करने का फैसला किया है। हम अपने पार्टी कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करेंगे। यह किसानों को राहुल गांधी के समर्थन को मजबूत करने वाला कदम होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदर्शन सफल हो।’

आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित करने की चेतावनी दे चुके हैं किसान

इससे पहले धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (भानु ) से जुड़े सदस्यों ने नोएडा-दिल्ली के बीच होने वाली आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को बाधित करने की चेतावनी दी थी। धरने पर बैठें किसानों का कहना है केंद्र सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसलिए अब उनके पास यही एक मात्र रहा है कि वह दिल्ली-नोएडा के प्रमुख बार्डर से होने वाली आवश्यक सेवा दूध, सब्जी, फल आदि की आपूर्ति को बाधित करके सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *