हाथरस मामले में उप्र सरकार की बड़ी कार्रवाई



हाथरस कांड में आखिरकार शुक्रवार रात एसपी व सीओ समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो ही गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवती की हत्या की घटना में लचर जांच के दोषी एसपी, हाथरस विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। पांचों को निलंबित करने का फैसला एसआइटी की पहली जांच रिपोर्ट मिलने के बाद किया गया।

 गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने हाथरस की घटना का स्वतः संज्ञान लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, डीएम व तत्कालीन एसपी को 12 अक्टूबर को तलब किया है। शासन ने एसपी शामली विनीत जायसवाल को एसपी हाथरस का पदभार सौंपा है। अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि रायबरेली में तैनात एएसपी नित्यानंद राय को शामली का प्रभारी एसपी बनाया गया है। जांच रिपोर्ट में एसपी के अलावा तत्कालीन थानाध्यक्ष व अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाए गए हैं।

शासन के निर्देश पर चंदपा के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जगवीर सिह व हेड मोहर्रिर महेश पाल को निलंबित कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एसपी समेत सभी निलंबित पांचों पुलिसकर्मियों, वादी, आरोपितों व अन्य संबंधित लोगों व पुलिसकर्मियों के पॉलीग्राफ व नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हाथरस के बाद अन्य कई स्थानों पर महिलाओं के साथ बढ़े अपराधों से गरमाए राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ कठोर रवैया अपनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने Tweet किया, उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा।



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